Hepatitis B in Hindi | हेपेटाइटिस बी ठीक होता है कि नहीं

हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B) एक वायरस संक्रामक रोग है। यह वायरस (HBV) मानव लीवर (यकृत) को प्रभावित करता है और लीवर के स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाता है। शरीर में इस वायरस का प्रसारण संक्रमित व्यक्ति के  शरीर की कोई भी तरल द्रव्य के संपर्क मे आने से हो सकता है।

Hepatitis B in Hindi

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हेपेटाइटिस बी का शुरुआती लक्षण आसानी से पहचान मे नहीं आता है। और यदि इसके लक्षण दिखते भी हैं तो सामान्यतः फ्लू जैसे लक्षण जिसमे थकान, जोड़ों में दर्द या पेट की समस्याएँ शामिल होते हैं जो लोगों द्वारा अधिक ध्यान नहीं दिया जाता। किन्तु हेपेटाइटिस बी वायरस अन्दर ही अन्दर बिना पता चले लिवर को क्षति करता रहता है। इसलिए यदि आपको बार-बार उल्टी, सर्दी-खांसी, बुखार के लक्षण होने पर डॉक्टर से परीक्षण के माध्यम से लीवर की स्थिति की जाँच करना जरुरी हो जाता है।

हेपेटाइटिस बी का वायरस रक्त और अन्य शरीरी द्रवों के माध्यम से फैल सकता है जैसे कि शिशु मे संक्रमित माँ के द्वारा, संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित सम्बन्ध बनाने से, संक्रमित व्यक्ति के शैविंग किट उपयोग करने आदि।

विश्व के लगभग 10-15% लोग भारत मे हेपेटाइटिस बी से ग्रसित हैं। एक अनुमान के अनुसार भारत मे इनकी संख्या लगभग 4 करोड़ है। 

हेपेटाइटिस बी ठीक होता है कि नहीं | Is Hepatitis B curable or not?

हेपेटाइटिस बी का इलाज संभव है लेकिन यह व्यक्ति स्थिति की गंभीरता पर निर्भर करता है। कुछ लोग हेपेटाइटिस बी के संक्रमण से पूरी तरह से ठीक हो सकते हैं जबकि कुछ लोगों को यह बीमारी लाइफ टाइम के लिए रह सकता है। हेपेटाइटिस बी के संक्रमण से ठीक होना या ना होना व्यक्ति के स्वास्थ्य स्थिति, इन्फेक्शन के प्रकार और इन्फेक्शन के कितने समय बाद चिकित्सा शुरू हुई है इन तथ्यों पर निर्भर करता है।

इस वायरस के मुख्य 4 वायरस कारक माने जाते हैं ए, बी, सी और ई। इन चार वायरस में से हेपेटाइटिस ए और ई कम गंभीर होते हैं जो समान्यतः अल्पकालिक संक्रमण होते हैं। ये संक्रमण अधिकतर मामलों में स्वतः ही ठीक हो जाते है। हेपेटाइटिस ए और ई का संक्रमण दूषित भोजन खाने या पानी पीने के कारण होता है।

हेपेटाइटिस बी और सी वायरस के संक्रमण अधिक गंभीर होते हैं जो दीर्घकालिक संक्रमण का कारण बनते हैं। हेपेटाइटिस बी या सी वायरस के संक्रमण से यकृत को गंभीर क्षति होता है जो लिवर सिरोसिस, लिवर फेलियर और यहां तक कि कुछ मामलों में लीवर (यकृत) का कैंसर तक हो सकता है।

हेपेटाइटिस बी क्यों होता है|हेपेटाइटिस बी के कारण|Causes of Hepatitis B

इसके बीमारी के होने के कारण जानकर इससे बच जा सकता है। हेपेटाइटिस बी के खतरे को कम नहीं समझना चाहिए। यह एचआईवी, मलेरिया और टीबी के संयुक्त रूप से अधिक लोगों को संक्रमित करती है और जान लेती है। यकृत कैंसर के 80% से अधिक मामले वायरल हेपेटाइटिस के कारण होते हैं।

  1. संक्रमित व्यक्ति से संक्रमण: एक संक्रमित व्यक्ति के रक्त, शारीरिक संबंध या अन्य तरह के तरल द्रव्य के संपर्क के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के शरीर में वायरस पहुँच सकता है।
  2. मां से शिशु को संक्रमण: मां-बच्चे के बीच जब गर्भकाल के समय या डिलीवरी के समय मां में हेपेटाइटिस बी वायरस होता है तो नवजात बच्चे को संक्रमित कर सकता है।
  3. असुरक्षित सम्बन्ध : हेपेटाइटिस बी से संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित शारीरिक संबंध होने पर संक्रमण हो सकता है।
  4. संक्रमित नीडल्स या अस्पताली उपकरणों का उपयोग: संक्रमित नीडल्स अथवा अस्पताल  के संक्रमित  उपकरणों का उपयोग से संक्रमण हो सकता है।
  5. शेविंग रेजर या नेल कटर साझा करने से:  संक्रमित शेविंग रेजर या नेल कटर अथवा  संक्रमित व्यक्ति के शेविंग रेजर या नेल कटर साझा करने से भी संक्रमण हो सकता है।
  6. टैटू या शरीर पर सुंदरीकरण: रंग विरंगे  टैटू गुदने अथवा  शरीर भेदने (जैसे नाक, कान) वाले  पहले से संक्रमित उपकरणों का उपयोग से संक्रमण हो सकता है।
  7. संक्रमित ब्लड का उपयोग: संक्रमित रक्त का उपयोग करने से संक्रमण होता है।

हेपेटाइटिस बी के लक्षण | Symptoms of Hepatitis B

हेपेटाइटिस बी के लक्षण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति मे भिन्न हो सकते हैं। यह आवश्यक नहीं हैं कि हर किसी को ये लक्षण हों लेकिन बहुत से लोगों में निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं:

  1. अत्यधिक थकान: हेपेटाइटिस बी से संक्रमित व्यक्ति हमेशा थकान महसूस कर सकता है।
  2. पेट व सर दर्द: अधिकांश लोग हेपेटाइटिस बी मे पेट व सर दर्द की शिकायत करते हैं जो हल्का से लेकर तेज हो सकता है।
  3. बुखार: इसमे  हल्का बुखार होने का लक्षण दिख सकता है। 
  4. भूख कम या ना लगना: ऐसे मे भूख कम लगता है अथवा काभी काभी नहीं लगता है जिससे खाने का मन  नहीं करता है। 
  5. बढ़ी हुई पेट: लीवर मे गड़बड़ी होने के कारण बढ़ी हुई पेट की समस्या हो सकता है।
  6. मल या यूरिन का गहरा रंग: हेपेटाइटिस बी से संक्रमित व्यक्ति का मल या यूरिन का गहरा रंग होना भी एक प्रमुख लक्षण है।
  7. लीवर मे सूजन: यह एक गंभीर लक्षण हो सकता है जिसके कारण लीवर (यकृत) में सूजन हो सकता है। 
  8. आँख और त्वचा पीला पड़ना: ऐसे मे आँख और त्वचा पीला पड़ने लगता है। ये लक्षण समान्यतः अन्य लक्षणों के बाद दिखते हैं।

क्रोनिक हेपेटाइटिस बी से ग्रस्त व्यक्ति को कोई लक्षण नहीं दिखाई देता है। 

हेपेटाइटिस बी का इलाज | Treatment for Hepatitis B

हेपेटाइटिस बी के लिए कोई नया और पूरी तरह से कारगर इलाज जो कि हेपेटाइटिस बी वायरस को जड़ से खत्म कर दे अब तक उपलब्ध नहीं है।  हेपेटाइटिस बी इन्फेक्शन के प्रबंधन और उपचार के लिए कुछ दवाएं और थेरेपी उपलब्ध हैं जिनसे इंफेक्शन को नियंत्रित किया जा सकता है एवं लक्षणों को कम किया जा सकता है लेकिन वायरस को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता है। हेपेटाइटिस बी के इलाज के लिए निम्न बचाव और उपाय करना अत्यंत आवश्यक है। 

  • टीकाकरण (वैक्सीन) लगवाएं 
  • संक्रमित व्यक्ति का शेविंग रेजर, नेल कटर या टूथ ब्रूस का उपयोग ना करें
  • संक्रमित व्यक्ति से संक्रमित नीडल्स (सुई) या अस्पताली उपकरणों का उपयोग ना करें 
  • संक्रमित व्यक्ति से संक्रमित टैटू या शरीर पर सुंदरीकरण उपकरणों का उपयोग ना करें
  • संक्रमित व्यक्ति अथवा महिला से असुरक्षित सम्बन्ध ना बनाएं 
  • संक्रमित ब्लड का उपयोग ना करें 

यदि आपको हेपेटाइटिस बी संक्रमण के बारे में संकेत मिलते हैं तो आपको अपने चिकित्सक से परामर्श करके सही मार्गदर्शन और उपचार करवाना चाहिए। हेपेटाइटिस बी के इलाज के साथ स्वस्थ जीवनशैली, स्वस्थ आहार और स्वस्थ संवासन सावधानी भी महत्वपूर्ण हैं।

 

FAQ

1. हेपेटाइटिस बी क्या है?

हेपेटाइटिस बी एक संक्रामक बीमारी है जो जिगर (लीवर) को प्रभावित करती है जो हेपेटाइटिस बी वायरस (HBV) के कारण होती है।

2. हेपेटाइटिस बी के क्या लक्षण होते हैं?

हेपेटाइटिस बी के लक्षण थकान, पेट में दर्द, पेट का बढ़ जाना, खांसी और जुखाम जैसे हो सकते हैं।

3. हेपेटाइटिस बी के लक्षण कब दिखाई देते हैं?

हेपेटाइटिस बी के लक्षण वायरस के संक्रमण के बाद कई सप्ताह तक या वर्षों तक दिखाई देने के संभावना होते हैं।

4. हेपेटाइटिस बी से बचाव के लिए क्या उपाय करना चाहिए?

हेपेटाइटिस बी से बचाव के लिए हेपेटाइटिस बी के वैक्सीन का अवश्य उपयोग करें और सुरक्षित यौन संबंधों के दौरान सुरक्षा के नियमों का पालन करें।

5. हेपेटाइटिस बी के उपचार क्या हैं?

हेपेटाइटिस बी के उपचार में विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाएं और देखभाल का उपयोग किया जाता है।

6. हेपेटाइटिस बी से बच्चों को कैसे संरक्षित रखा जा सकता है?

बच्चों को हेपेटाइटिस बी से बचाव के लिए वायरस के खिलाफ टीका लगवाना चाहिए और सुरक्षित यौन संबंधों के दौरान सुरक्षा के नियमों का पालन करना चाहिए।

7. हेपेटाइटिस बी क्यों होता है?

हेपेटाइटिस बी वायरस के कारण संक्रमण होता है, और इसके वायरस के संवादनी तरीके से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के शरीर में पहुँच सकता है.

8. हेपेटाइटिस बी के इलाज में क्या नया है?

हेपेटाइटिस बी के नए इलाज के बारे में अभी तक कोई नई खोज नहीं हुई है लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा निर्धारित इलाज का प्रयोग किया जा सकता है। 

 

 

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