Healthy Food in Hindi

रोटी, कपडा, मकान ये मनुष्य की आधारभूत आवश्यकतायें हैं जिसमे रोटी यानि भोजन सबसे महत्वपूर्ण मूल आवश्यता है। भोजन (आहार) के बिना सामान्यतः जीवन संभव नहीं है और स्वस्थ व शुद्ध भोजन (आहार) के बिना स्वस्थ जीवन संभव नहीं है और स्वस्थ जीवन नहीं तो सफलता, ख़ुशी, आनन्द को पाना भी संभव नही है। स्वस्थ भोजन वह होता है जिसमे शरीर के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो।

पोषक तत्व जैसे विटामिन, कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, प्रोटीन व अन्य खनिज पदार्थ जो शरीर के विभिन्न प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से काम करने के लिए आवश्यक होते हैं। आज हम Healthy Food in Hindi के अन्तर्गत स्वस्थ आहार (Healthy Food) के बारे में विस्तार से जानेगें, इसके लिए आप अंत तक बने रहें।

Healthy Food in Hindi

स्वस्थ आहार नहीं लेने से शरीर में कई प्रकार का प्रभाव पड़ता है और शरीर की इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) कम हो जाती है और गंभीर बिमारियों का सामना करना पड़ता है। स्वस्थ आहार के बिना बच्चे कुपोषण के शिकार हो जाते हैं जो जीवन भर जिंदगी और मौत से लड़ते रहते हैं।

स्वस्थ भोजन में ताजे फल और हरी सब्जियां, लीन प्रोटीन, साबुत अनाज, कम वसा वाले डेयरी उत्पाद, फलियां, नट और बीज शामिल हैं जो पोषक तत्वों से भरपूर होते है और एक संतुलित आहार व अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने मदद करते हैं।

फल और सब्जियां विटामिन, खनिज और फाइबर से भरे होते हैं जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्युनिटी सिस्टम) को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये आपके दैनिक पोषण संबंधी जरूरी खनिज को पूरा करने में आपकी मदद करते हैं।

कम वसा, चीनी व सोडियम की सीमित मात्रा वाले खाद्य पदार्थ शरीर के वजन कम रखने में मदद करते हैं और मधुमेह, हृदय रोग जैसी और अन्य गंभीर बिमारियों के जोखिम को कम करते हैं। इसके अलावा, शुद्ध पानी पीना, नियमित भोजन व कम भोजन (अल्पाहार) शरीर की स्फुर्ति बनाये रखता है।

साबुत अनाज जिसके सभी भाग (मूल, बीज व छिल्का सहित) को खाने के लिए उपयोग किया जाता है जैसे गेंहू, मक्का, जौ, दलिया, इत्यादि जिसमे फाइबर का उच्च स्रोत है को आपको आपने आहार में शामिल करना चहिये। इसके आलावा, लीन प्रोटीन जैसे मछली, पोल्ट्री और फलियां आपके शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं। आपको अपने आहार में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, फलियां, मेवे और बीज जैसे खाद्य पदार्थ को शामिल करना चाहिए।

सब्जियां, फल, लीन प्रोटीन और साबुत अनाज सभी किराने की दुकानों में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होते हैं। आप ताजा फल, सब्जी व अनाज के लिए स्थानीय स्तर पर किसानों से सम्पर्क कर सकते हैं अथवा लोकल बाजार से खरीद सकते हैं।

Healthy Food in Hindi

1. ताजे फल और सब्जियां

ताजे फल व सब्जियों को आपको अपने आहार में प्रतिदिन शामिल करना चाहिए। ताजे फल व सब्जियों में विटामिन्स, खनिज एवं एंटी-आक्सडेंट भरपूर मात्रा में होता है जो एक अच्छे स्वास्थय के लिए आवश्यक है। फलों और सब्जियों को भरपूर व नियमित रूप से खाने से हृदय रोग, स्ट्रोक, कैंसर और कई अन्य पुरानी बीमारियों का खतरा बहुत हद तक कम हो जाता है।

ऐसे फल व सब्जियां स्वास्थ्य लाभों ले आलावा स्वादिष्ट और सुन्दर भी होते हैं। एक संतुलित आहार (स्वस्थ भोजन) के लिए सबसे महत्वपूर्ण फल व सब्जियां है जिसका मात्रा अपने खाने की थाली का आधा होना चाहिए। कुछ प्रमुख फलों व सब्जियों के नाम निचे है जिन्हे आपको अपने आहार का हिस्सा बनाना चाहिए।

ब्रोकली: ब्रोकली पोषक तत्व से भरपूर भोजन है जो विटामिन “ए, “सी”और “के”से भरपूर होता है। इसमें फाइबर और उपलब्ध यौगिक कैंसर से लड़ने मदद करते हैं।

ब्लूबेरी: ब्लूबेरी एंटी-ऑक्सिडेंट का एक समृद्ध स्रोत है, जो सेल क्षति (डेड शैल) और पुरानी बीमारियों से बचाने में मदद करता है। यह फाइबर और विटामिन “सी” का भी बहुत अच्छा स्रोत है।

सेब: सेब में फाइबर और एंटी-ऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। एक सेब शरीर के लिए लगभग सभी जरुरी विटामिन की पूर्ति करता है।

संतरे: संतरा (नारंगी) विटामिन “सी” का एक उत्कृष्ट स्रोत है जो त्वचा की समस्या को दूर करने में मदद करता है। इसमें फाइबर और एंटी-ऑक्सीडेंट भी पाया जाता हैं जो कोशिकाओं को क्षति से बचाने में मदद कर करता है।

टमाटर: टमाटर में विटामिन ‘सी’ और ‘ए’ ज्यादा मात्रा में पाया जाता है साथ ही इसमें लाइकोपीन एंटी-ऑक्सिडेंट होता है जिससे कैंसर व ह्रदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद मिलता है।

स्ट्रॉबेरी: स्ट्रॉबेरी फाइबर, विटामिन ‘सी’ और ‘के’ एवं फोलिक एसिड का अच्छा स्रोत है। इसमें उपलब्ध एंटी-ऑक्सिडेंट जो सेल क्षति में मदद करते हैं।

काली मिर्च: मिर्च विटामिन ‘ए’ और ‘सी’ का एक अच्छा स्रोत हैं। इनमें कैप्साइसिन भी पाया जाता है। इसमें पाया जाने वाले यौगिक कैंसर के जोखिम कम करने के साथ-साथ कई अन्य शारीरिक लाभ करता है।

गाजर: गाजर में फाइबर, विटामिन ‘ए’, ‘सी’ और बीटा-कैरोटीन का एक अच्छा स्रोत है। बीटा-कैरोटीन एक एंटी-ऑक्सिडेंट है जो शरीर में विटामिन ‘ए’ में परिवर्तित हो जाता है, जो दृष्टि, प्रतिरक्षा कार्य और त्वचा के रख-रखाव में मदद करता है।

2. साबुत अनाज

साबुत अनाज वे अनाज होते हैं जिन्हें किसी भी तरह से पिसा या परिवर्तन नहीं किया गया हो। इसका मतलब है कि उनमें अभी भी वे सभी पोषक तत्व और फाइबर मौजूद हैं जो मूल अनाज में पाए जाते हैं। साबुत अनाज जैसे गेहूं, जई, राई, जौ, बाजरा, मक्का (पॉपकॉर्न), मूंग, चना और क्विनोआ इत्यादि शामिल हैं। साबुत अनाज पोषक तत्वों और फाइबर के उच्चतम स्रोत होता है।

इनमें वसा और कैलोरी भी कम होने के कारण वजन कम करने, कोलेस्ट्रॉल कम करने और हृदय रोग, मधुमेह और कुछ प्रकार के कैंसर के विकास को कम करने में मदद मिलता है। साबुत अनाज को अपने आहार में शामिल करने के कई अलग-अलग तरीके हो सकते हैं। आप उन्हें अपने नाश्ते में, दलीया, रोटी, खिचड़ी या पास्ता बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं अथवा उन्हें पुलाव के रूप में भी इस्तेमाल  कर सकते हैं। इन्हे आप अपने भोजन को स्वास्थ्य एवं स्वादिष्ट आहार के रूप में सेवन कर सकते हैं, तो अपने आहार में अधिक साबुत अनाज शामिल करना शुरू करें।

3. पत्तेदार साग

हरे पत्तेदार साग का सेवन आप सबसे स्वास्थ्यप्रद खाद्य पदार्थों रूप मे कर सकते हैं। हरे पत्तेदार साग विटामिन, आयरन, एंटी-ऑक्सिडेंट व अन्य पोषक खनिज से  परिपूर्ण होते हैं। पत्तेदार साग हृदय रोग, कैंसर और अन्य पुरानी बीमारियों के जोखिम को बहुत हद तक कम करने मे सहायक होते है। कुछ सबसे लोकप्रिय पत्तेदार साग में पालक, चौलाई, सरसो, मेथी, बथुआ, अजवाइन के फूल, अरबी के पत्ते, सनई के फूल, व पत्ता गोभी शामिल है। ये हरी सब्जियां विटामिन ‘ए’, ‘सी’, और ‘के’, साथ ही फोलेट, आयरन और अन्य खनिजों के उत्कृष्ट स्रोत हैं। ये फाइबर का भी एक अच्छा स्रोत है, जो एक स्वस्थ पाचन तंत्र को बढ़ाने में मदद करता है।

पत्तेदार साग के उपयोग में लेने के कई तरीके है जिसे आप पानी इक्षानुसार अपने खाने में शामिल कर सकते है। उन्हें सूप, रायता, पराठे, जूस के साथ-साथ पकौड़े के रूप में उनका उपयोग कर सकते हैं। आप इन्हें सलाद के रूप में कच्चा भी खा सकते हैं जो पोषक तत्वों से भरपूर होता है। आप जिस भी तरह से उनका सेवन करें, पत्तेदार साग आपके आहार के लिए एक स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक होते है।

4. क्रूस वाली सब्जियाँ

क्रूसिफेरस सब्जियों मे कैलोरी और वसा की कम मात्रा मे होते है और कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन, खनिज और फाइबर के उच्च स्रोत होते हैं। इनमे पाये जाने वाले पोषक तत्व में कैंसर, हृदय रोग और मधुमेह टाइप 2 (शुगर) सहित कई अन्य पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम करने की क्षमता होती है। इनका सेवन नियमित रूप से करने से वजन कम करने, सूजन कम करने और रक्तचाप (हाई ब्लडप्रेसर) कम करने में मदद मिलती है।

क्रूसिफेरस सब्जियां जैसे फूलगोभी, ब्रोकोली, पत्ता गोभी, कोलार्ड ग्रीन्स (हाक साग),जलकुंभी और केल स्वास्थ्यप्रद सब्जियाँ हैं जिन्हें आप खा सकते हैं। आपको अपने आहार में इस तरह की सब्जियां शामिल करना चाहिये, इन्हे स्वादिष्ट बनाकर खाने के लिए इन्हे भून लें, सलाद के रूप में , सूप में मिलाकर अथवा तल कर इनका सेवन कर सकते हैं। इन सब्जियों को अपने आहार में शामिल करना आपके समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक शानदार तरीका है। इन सब्जियों को कई औषद्यीये वैज्ञानिको के द्वारा रोग प्रतिरोधक के लिए प्राथमिकता प्राप्त है।

5. बीन्स और फलियां

बीन्स एवं फलियां अपने आहार को पौष्टिक व स्वादिष्ट बनाने के लिए भोजन में शामिल करना चाहिए। इसमें भी फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसमें कॉपर, आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, फॉस्फोरस और मैगनीशियम एवं विटामिन्स भी उचित मात्रा में पाया जाता है। बीन्स व फलियां पोषक तत्वों से भरपूर होने के साथ-साथ हृदय स्वास्थ्य में सुधार, कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होना, कुछ कैंसर का जोखिम कम करने और रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) नियंत्रण करने जैसा स्वस्थ्य लाभ शामिल है।

बीन्स और फलियां प्रोटीन का भी एक अच्छा स्रोत हैं। इन्हे आप स्नेक्स के रूप में भी उपयोग कर सकते हैं। आपको  अपने आहार में अधिक बीन्स और फलियां शामिल करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए ठीक से पकाना। ज्यादा पकी हुई फलियाँ पचाने में भी कठिन हो सकती हैं जो गैस और सूजन का कारण बन सकती हैं इसलिए उचित मात्रा में ही पकाएं।

बीन्स एवं फलियां में लोबिया, राजमा अथवा किडनी बीन, बाकला या कॉमन बीन, सेम अथवा सेमिया, मटर, सोयाबीन, छोला, मूंगफली, इमली, मसूर, गवार की फली, सहजन की फली व कचनार इत्याद शामिल हैं।

6. मेवा (नट्स)

नट्स एक स्वस्थ आहार में शामिल होता है जिसके उपयोग विभिन्न स्वस्थ्य लाभ के लिए किया जाता है। नट्स प्रोटीन, फाइबर, स्वस्थ वसा, ओमेगा-3 फैटी एसिड, एंटी-ऑक्सीडेंट्स, मैग्नीशियम, एल-कार्निटाइन, राइबोफ्लेविन, टार्टरिक एसिड व विभिन्न प्रकार के विटामिन्स के उच्चतम स्रोत हैं।

इससे ब्लड प्रेसर कम करने, कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित, भूख को कम करने के साथ वजन घटाने, मस्तिष्क की कोशिकाओं के विकास, शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत, कैंसर, मोटापा, मधुमेह व हृदय और आंखों के लिए भी लाभकारी होने साथ-साथ दिमागी शक्ति को बढ़ाने में मदद मिलता है। यहाँ कुछ प्रमुख नट्स के नाम दिए गए हैं जिसे सुबह के समय मुट्ठीभर भीगे हुए नट्स या ड्राई फ्रूट्स का सेवन करने से विशेष पोषक तत्व मिलता है।

बादाम: बादाम विटामिन ‘ई’ का एक अच्छा स्रोत हैं, जो एक एंटीऑक्सिडेंट है। इसमें पोटैशियम, लौह (आयरन), मैग्नीशियम, कैल्शियम, फास्फोरस भी होते हैं। जो शरीर को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते है। इसमें उपस्थित मैग्नीशियम जो दिल और हड्डियों के लिए अच्छा होता है।

काजू: काजू तांबे (कॉपर) का एक अच्छा स्रोत है। यह मैग्नीशियम और जिंक का भी एक अच्छा स्रोत हैं जो मस्तिष्क स्वास्थ्य, स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली, ऊर्जा व हड्डियों के लिए विशेष लाभदायक होता है।

पिस्ता: पिस्ता फाइबर का एक अच्छा स्रोत है, जो पाचन को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। ये एंटी-ऑक्सीडेंट और विटामिन ए और ई का भी अच्छा स्रोत हैं।

अखरोट: अखरोट ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत हैं, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। यह एंटी-ऑक्सिडेंट और मैग्नीशियम का भी एक अच्छा स्रोत हैं। विभिन्न अध्ययनों के अनुसार एक दिन में कम से कम चार अखरोट खाने से कैंसर, मोटापा, मधुमेह को कंट्रोल करने में मदद मिलता है।

पेकान: पेकान एंटी-ऑक्सिडेंट, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम, जिंक, फाइबर, विटामिन ‘ई’ और ‘ए’ का एक अच्छा स्रोत है। इससे हृदय रोग, गठिया रोग, इम्यून सिस्टम को सुधारने में सहायता मिलता है।

मखाना: मखाने में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी ट्यूमर प्रभाव पाए जाते हैं। इसका सेवन बुखार, पाचन तंत्र सुधारने व दस्त के लिए भी किया जा सकता है। इसमें कई खास एल्कलॉइड भी होता है।

छुहारा: इसमें विटामिन ‘ए’, ‘के’, ‘बी2’, ‘बी6‘ और ‘सी’ पाया जाता है। छुआरे में कोलेस्ट्रोल नहीं होता है।

अंजीर: इसमें कैल्सियम तथा विटामिन ‘ए’, ‘बी’ व ‘सी’ काफी मात्रा में पाए जाता हैं। इसमें प्रोटीन, फाइबर भी होता है और इसमें 83 प्रतिशत चीनी होने के कारण यह विश्व का सबसे मीठा फल है।

किशमिश: इसमें ऐंटी-ऑक्सिडॅन्ट, विटामिन ‘सी’, घुलनशील फाइबर, टार्टरिक एसिड, कम सोडियम पाया जाता है और इसमें कोलेस्टेरॉल बिलकुल नहीं होता है। इसमें उपस्थित उपरोक्त गुणों से आंत, पेट, हृदय और आंखों की समस्याओं को दूर करने में मदद मिलता है।

खजूर: कार्बोहाइड्रेट, विटामिन के, मैग्नीशियम, सेलेनियम, कॉपर और मैंगनीज का अच्छा स्रोत है। इससे ह्रदय स्वास्थ्य, रक्तचाप, ऊर्जा, सूजन कम करने, मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली, डायरिया, हड्डी स्वास्थ्य, कब्ज, कोलेस्ट्रॉल व वजन बढ़ाने में मदद मिलता है।

7. पौष्टिक बीज

बीज कई प्रकार के होते हैं, लेकिन उन सभी में एक चीज समान होती है – वे स्वस्थ पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। यहां कुछ बीज के नाम दिए गए हैं जिन्हें आपको अपने आहार में शामिल करना चाहिए:

चिया के बीज: ये छोटे बीज एंटीऑक्सिडेंट, फाइबर, प्रोटीन और ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरे होते हैं। वे अपने हाइड्रेटिंग गुणों के लिए भी जाने जाते हैं – चिया बीज पानी में अपने वजन का 12 गुना तक अवशोषित कर सकते हैं।

अलसी के बीज: ये बीज फाइबर, प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक बड़ा स्रोत हैं। इनमें लिग्नांस (फाइटोएस्ट्रोजेन) भी होते हैं – यौगिक जो हार्मोन से संबंधित कैंसर से बचा सकते हैं।

तिल के बीज: ये बीज कॉपर, मैग्नीशियम, कैल्शियम और आयरन का अच्छा स्रोत हैं। उनमें सेसामिन भी होता है – एक यौगिक जो यकृत की रक्षा के लिए मददगार होता है।

कद्दू के बीज: ये बीज एंटीऑक्सीडेंट, मैग्नीशियम और जिंक से भरपूर होते हैं। इनमें फाइटोस्टेरॉल भी होते हैं – यौगिक जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करते हैं।

सूरजमुखी के बीज: ये बीज विटामिन ई, कॉपर, सेलेनियम और मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत हैं। इनमें फाइटोस्टेरॉल भी होते हैं – यौगिक जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करते हैं।

कुट्टू का दलिया: कुट्टू वास्तव में एक दाना नहीं है, बल्कि एक फल की गिरी है। यह प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, जिंक और आयरन का अच्छा स्रोत है।

8. स्वस्थ डेयरी फूड्स

अधिकांश लोग जानते हैं कि डेयरी खाद्य पदार्थ कैल्शियम का एक उत्कृष्ट स्रोत हैं, लेकिन वे इन खाद्य पदार्थों से मिलने वाले कई अन्य पोषक तत्वों के बारे में नहीं जानते होंगे। डेयरी खाद्य पदार्थ एक स्वस्थ आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं जो स्वस्थ वजन बनाए रखने, बीमारी से लड़ने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्राप्त करने में मदद करते हैं।

डेयरी खाद्य पदार्थ प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत हैं जो ऊतकों की वृद्धि और मरम्मत के लिए आवश्यक है। उनमें विटामिन “ए” और “डी” भी होते हैं, जो प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्युनिटी) और कैल्शियम के अवशोषण के लिए महत्वपूर्ण हैं। डेयरी खाद्य पदार्थ भी पोटेशियम का एक अच्छा स्रोत हैं, जो मांसपेशियों के कार्य और द्रव संतुलन के लिए आवश्यक है।

दूध कैल्शियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस और विटामिन ‘डी’ का अच्छा स्रोत है।

पनीर कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन ‘ए’ का अच्छा स्रोत है।

दही कैल्शियम, प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स का अच्छा स्रोत है।

आइसक्रीम कैल्शियम, फॉस्फोरस और विटामिन ‘डी’ का अच्छा स्रोत है।

मक्खन विटामिन ‘ए’ और वसा में घुलनशील विटामिन का अच्छा स्रोत है।

क्रीम विटामिन ‘ए’ और वसा में घुलनशील विटामिन का अच्छा स्रोत है।

9. मछली

मछली न केवल प्रोटीन का एक स्वादिष्ट स्रोत है बल्कि यह स्वस्थ ओमेगा -3 फैटी एसिड से भी भरपूर होती है। ये फैटी एसिड हृदय स्वास्थ्य, मस्तिष्क के कार्य और स्वस्थ त्वचा और बालों को बनाए रखने में सहायक होते हैं। नियमित रूप से मछली खाने से हृदय रोग, स्ट्रोक, अल्जाइमर रोग, मधुमेह और कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम हो सकते है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन सप्ताह में कम से कम दो बार मछली खाने की सलाह देता है। वसायुक्त मछली जैसे सैल्मन, मैकेरल, हेरिंग, सार्डिन और ट्राउट ओमेगा -3 फैटी एसिड का सबसे अच्छा स्रोत हैं। यदि आप मछली के प्रशंसक नहीं (शाकाहारी) हैं तो आप अलसी, चिया के बीज और अखरोट का सेवन कर के ओमेगा -3 प्राप्त कर सकते हैं।

10. जड़ी-बूटियां

शरीर में होने वाली कोई भी बीमारी पेट में हो रही गड़बड़ी (कब्ज, एसिडिटी, सूजन, आदि) के कारण होती हैं। जिस व्यक्ति के पेट में कोई बीमारी नहीं है उसे और कोई रोग भी सामान्यतः नहीं होता है। पेट की इन समस्योओं को कुछ जड़ी-बूटीयों का सेवन करके दूर किया जा सकता है। ये जड़ी-बूटियां आपके पाचन को बेहतर बनाने और आपके शरीर को विषमुक्त करने में मदद करती हैं।

ऐसी कई जड़ी-बूटियाँ हैं जो आपके पाचन में सुधार करने और आपके शरीर को विषहरण करने में बहुत सहायक होती हैं। यहां कुछ ऐसे हैं जिन्हें आपको अपने आहार में शामिल करने चाहिए।हल्दी एक प्रसिद्ध जड़ी बूटी है जिसमें सूजन-रोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। यह पाचन में सुधार और शरीर को विषमुक्त करने में भी मदद करता है।

लहसुन एक और जड़ी बूटी है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। यह पाचन में सुधार करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए जाना जाता है।

अदरक पाचन स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन जड़ी बूटी है। यह पेट को शांत करने में मदद करता है और पाचन में मदद करने वाले एंजाइम के उत्पादन को भी बढ़ावा देता है।

तुलसी एक और जड़ी-बूटी है जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मददगार होती है। यह सूजन और गैस को कम करने में भी मदद करती है। तुलसी में बैक्टेरिया विनाशक गुण भी होता है।

पुदीना कई उद्देश्यों के लिए एक बेहतरीन जड़ी बूटी है। यह पाचन में सुधार करने में मदद करता है, मतली से राहत देता है और पेट साफ रखने में मदद करता है।

मेथी एक जड़ी बूटी है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। यह पाचन में सुधार, कोलेस्ट्रॉल कम करने और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

अजवायन एक जड़ी बूटी है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। यह पाचन में सुधार, प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाता है।

रोजमेरी एक और जड़ी-बूटी है जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मददगार होती है। यह गैस और सूजन को कम करने में भी मदद करती है।

कैमोमाइल एक प्रसिद्ध जड़ी बूटी है जिसका उपयोग अक्सर पाचन में मदद के लिए किया जाता है। यह चिंता को दूर करने और विश्राम को बढ़ावा देने में भी मदद करता है।

सिंहपर्णी एक जड़ी बूटी है जो अपने विषहरण गुणों के लिए जानी जाती है। यह पाचन में सुधार और वजन घटाने को बढ़ावा देने में भी मदद करता है।

ऊपर दिए गये स्वस्थ खाद्य पदार्थ के सुझाव में से आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए हर दिन खा सकते हैं अथवा इन स्वस्थ खाद्य पदार्थ में कुछ पदार्थ रोज शामिल करने होते हैं और कुछ  एक अन्तराल के बाद (एक दिन छोड़कर) भी अपने आहार में ले सकते है। इनमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज, बीज, नट्स व हर्वल (जड़ी-बूटी) आदि शामिल हैं। यह आपके लिए उपलब्धता पर निर्भर है कि आपके पास कब, कौन-सा पदार्थ उपलब्ध है। लेकिन आपको अपने स्वास्थ्य के लिए इन्हे अपने आहार में शामिल करना अतिआवश्यक है।

मुझे आशा और विश्वास है कि ये सुझाव आपके लिए लाभदायक साबित होंगे और आपका जीवन स्वस्थ व खुशहाल होगा। यदि ये सुझाव आपको अच्छे लगे तो आप निचे कमेंट “टिप्पणी” करके अवश्य बताएं इससे मुझे प्रसन्नता व प्रेरणा मिलेगी। आपको यहाँ तक बने रहने के लिए धन्यबाद!

 

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